पूर्णिया पुलिस अधीक्षक विशाल शर्मा द्वारा संचालित पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में आज कुल 51 मामलों की सुनवाई की गई, जिसमें से 13 मामलों का निष्पादन किया।

पूर्णिया पुलिस अधीक्षक विशाल शर्मा द्वारा संचालित पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में आज कुल 51 मामलों की सुनवाई की गई, जिसमें से 13 मामलों का निष्पादन किया गया । 9 मामलों में पति – पत्नी को समझा-बुझाकर भेज दिया गया। 4 मामले में पति- पत्नी की जिद को देखते हुए उन्हें थाना अथवा न्यायालय की शरण लेने का सुझाव दिया गया।  38 मामलों को अगली तिथि के लिए तारीख दी गई।  डगरूआ थाना के तेलडीहा रहीका की बेगम खातून और उसके पति मोहम्मद असलम का मामला इस केंद्र में समझाने के वास्ते पुलिस अधीक्षक द्वारा भेजा गया, प्रारंभ में दोनों के आरोप-प्रत्यारोप की पोटली खुलती गई, जिससे ऐसा लग रहा था कि दोनों को समझा पाना काफी मुश्किल होगा किंतु केंद्र ने दोनों को समझा-बुझाकर एक साथ रहने के लिए राजी किया और केंद्र से ही दोनों की भी विदाकी दिलवा दी गई दोनों खुशी-खुशी अपने घर को रवाना हो गए । एक अन्य मामले में प्रताड़ना के कारण पत्नी पिछले ढाई महीने से अपनी पति से अलग रह रही थी, जबकि उसे दो लड़का भी था और एक लड़की भी थी, और एक 3 महीने की गर्भवती थी, प्रताड़ना का आरोप लगाया गया था, किंतु परिवार परामर्श केंद्र के सदस्यों द्वारा समझाने बुझाने के बाद यह मामला भी सुलझ गया और पति ने विश्वास दिलाया कि वह भविष्य में कभी भी पत्नी के साथ मारपीट नहीं करेगा। उसका अच्छी तरह से भरण-पोषण करेगा और इज्जत के साथ रखेगा

एक अन्य मामला जिसमें पति द्वारा मोबाइल निकाल कर व्हाट्सएप पर पत्नी का संदेश दिखाते हुए कहा गया यह कहती है कि मैं दूसरे लड़के से प्यार करता हूं मैं तुम्हारे साथ नहीं रहूंगा ।बाद में पत्नी का आरोप था कि 500000 रुपैया लड़का द्वारा मांग किया जा रहा है साथ ही मारपीट किया जाता है प्रतिवादी ने इसका खंडन किया केंद्र ने जब उससे जख्म प्रमाण पत्र की मांग की तो वह जख्म प्रमाण पत्र के स्थान पर बीमारी का सर्टिफिकेट केंद्र के समक्ष प्रस्तुत किया, लड़की के पिता द्वारा कहा गया लड़की किसी कीमत पर ससुराल नहीं जाएगी, पिता की शह पाकर लड़की भी कही वह ससुराल नहीं जाएगी अंत में केंद्र द्वारा यह कहा गया कि केंद्र किसी को जबरदस्ती नहीं भेजता है जब तक दोनों राजी नहीं होगी तब तक हम नहीं भेजेंगे और केंद्र ने सुझाव दिया कि अपने मामले को न्यायालय अथवा थाना से सुलझा लो मामले को सुलझाने में केंद्र के सदस्य दिलीप कुमार दीपक स्वाति वजंत्री जीनत रहमान रविंद्र शाह एवं प्रमोद जायसवाल ने अहम भूमिका निभाई कार्यालय सहायक नारायण गुप्ता ने भी सहयोग किया।

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