पूर्णिया पुलिस परामर्श केंद्र के द्वारा, उजड़ी हुई घर को बसाने में अहम योगदान।

रोहित यादव की कलम से,                                      जी हां, उजड़ी हुई गृहस्ती जीवन को फिर से पटरी पर

लाने में पूर्णिया पुलिस परामर्श केंद्र का बहुत ही बड़ा अहम रोल है। पूर्णिया पुलिस परिवार परामर्श केंद्र की लोकप्रियता दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, प्रारंभिक अवस्था में यह सीमांचल क्षेत्र पूर्णिया, अररिया, कटिहार तथा किशनगंज में सिमटा हुआ था। धीरे- धीरे सहरसा, मधेपुरा ,खगड़िया ,मुंगेर, बेगूसराय, हाजीपुर, पटना आदि स्थानों से अपनी समस्या के समाधान के लिए इस केंद्र में पीड़ित और पीड़िता आने लगे है ,अब तो स्थिति यह हो गई है की इस केंद्र ने राज्य की सीमाओं को भी पार कर दिया है । अब मुंबई, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बंगाल, झारखंड आदि राज्यों से भी पीड़ित एवं पीड़िता इस केंद्र में अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आने लगे हैं तथा इस केंद्र से अपनी समस्याओं का समाधान पाकर खुशी-खुशी एक बार फिर से अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत करना शुरू कर दिया है ,इस केंद्र के सदस्यों के प्रति अपना आभार प्रकट करने से नहीं चूकते है ,अपनी उजड़ी हुई गृहस्ती को फिर से बसाने में जुटे हुए हैं पिछले सप्ताह इस केंद्र में जिला दार्जिलिंग उत्तर बागडोगरा एक पति- पत्नी जो पिछले 3 महीने से बिछड़े हुए थे , उन्हें मिलाकर उनके घर बागडोगरा भिजवा दिया गया। इस बार जिला उत्तर दिनाजपुर के चाकुलिया थाना के भरना बस्ती का भी एक पति- पत्नी का विवाद पुलिस अधीक्षक विशाल शर्मा ने समझौता के लिए पुलिस परिवार परामर्श केंद्र के पास भेज दिया, केंद्र द्वारा इस परिवार को भी समझा बुझा कर उनका घर फिर से बसा दिया गया ज्ञातव्य है की मुफस्सिल थाना रानी पतरा स्थित मझली बस्ती की एक पत्नी जिसे पति ने 1 साल पहले प्रताड़ित कर मायके भेज दिया था उसके पति को केंद्र द्वारा नोटिस देकर बुलाया गया और समझा-बुझाकर उन दोनों से भी समझौता पत्र पर डस्कत करा लिया गया शुक्रवार को इस केंद्र में कुल टोटल 25 मामलों की सुनवाई की गई जिसमें से 9 मामलों का निष्पादन किया गया 7 मामलों में समझा-बुझाकर उनका घर बसा दिया गया दो मामलों को समझाने बुझाने के बाद भी जब पति पत्नी दोनों अपनी जिद पर अड़े रहे तो उन्हें न्यायालय का रास्ता दिखा दिया गया इस मामले को सुलझाने में केंद्र के सदस्य दिलीप कुमार दीपक स्वाति वैश्य यंत्री रविंद्र शाह जीनत रहमान प्रमोद जायसवाल एवं कार्यालय सहायक नारायण कुमार गुप्ता ने अहम भूमिका निभाई

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