पूर्णिया पुलिस, परिवार परामर्श केंद्र के द्वारा कई मामले को सुलझा कर घर टूटने से बचाया गया।

रोहित यादव की कलम से,                                  पूर्णिया पुलिस द्वारा संचालित ,पूर्णिया परिवार परामर्श केंद्र में  6 जोड़ी पति -पत्नी समझौता के लिए पहुंची, जिसमें 4 जोड़ी पति- पत्नी को समझा-बुझाकर आपस में समझौता करा दिया गया । 2 जोड़ी में से 1 जोड़ी को समझाने बुझाने पर नहीं समझने के कारण उसे थाना अथवा न्यायालय जाने की सलाह दी गई । 1 जोड़ी को एक सप्ताह का मौका दिया गया, कुल टोटल 30 जोड़ी को नोटिस देकर बुलाया गया था। कुछ मामलों में एक पक्ष के आने के कारण उन्हें तारीख दे दी गई ,कुछ मामलों में समझाने बुझाने के बाद जब बात नहीं बनी तो उन्हें भी अगले शुक्रवार तक के लिए ठंडे दिमाग से सोचने के लिए वापस भेज दिया गया। दार्जिलिंग की उत्तर बागडोगरा एक पति पत्नी का मामला पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में आया, पत्नी शमा परवीन डगरूआ थाने के कन हरिया बस्ती की रहने वाली है, उसकी शिकायत थी कि 7 वर्ष पहले उसकी शादी हुई है एक पुत्री एवं एक पुत्र भी है परंतु ससुराल वाले दहेज में दो लाख रुपैया और एक मोटरसाइकिल की मांग कर रहे थे, लाचारी व्यक्त करने पर उसे न केवल प्रताड़ित किया गया, बल्कि उसको खाना-पीना पर भी रोक लगा दी गई ,फलस्वरूप वह शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के कारण काफी कमजोर हो गई ,ज्ञातव्य है कि लड़की के पिता की मृत्यु हो चुकी है बड़ा भाई विकलांग है छोटा भाई बेरोजगार है ,परंतु ससुराल वालों ने उसकी कोई फरियाद नहीं सुनी मामला पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में आया, जहां दोनों पक्षों को समझा बुझा कर तीन महीनों से अपने मायके में रहने वाली पत्नी को पति के साथ दार्जिलिंग भेज दिया गया ,एक दूसरा मामला बनमनखी थाने के दर्जी पट्टी का था जिसमें पत्नी को पहले पति से एक लड़की होने के बाद भी वह दूसरी शादी कर ली दूसरे पति से भी उसे चार संतान हुए किंतु एक ही संतान जीवित रहा, पत्नी द्वारा गाली-गलौज एवं प्रताड़ना का आरोप पति पर लगाया गया जिसका पति ने खंडन किया, समझाने बुझाने पर बात बन गई पति ने आश्वासन दिया की पत्नी सहित अपनी संतान का भरण पोषण अच्छी तरह से करेंगे मामले को सुलझाने में केंद्र के सदस्य दिलीप कुमार दीपक, स्वाति वैश यंत्री, रविंद्र कुमार साह जीनत रहमान एवं प्रमोद जायसवाल में अहम भूमिका निभाई

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