तलवार से शमशाद अंसारी के द्वारा दूसरे पर प्रहार किया जा रहा है।

जी  हां तलवार के द्वारा शमशाद अंसारी के द्वारा दूसरे पर प्रहार किया जा रहा है ,यह तस्वीर देखकर आप चौक जाएगें। लेकिन जब आप इसके असलियत के पीछे जाएंगे तो पता चलेगा कि शमशाद अंसारी  कराटे का चर्चित प्रशिक्षकों में से एक है ,जो लगातार 25 सालों से कराटा में अपना योगदान देते आ रहे हैं ,साथ ही शहर के कई छात्र-छात्राओं को कराटे का प्रशिक्षण दे चुके हैं। नेशनल लेवल पर भी कई अवार्ड पाने वाले शमशाद अंसारी, वाकई में कराटे को फारबिसगंज जैसे- छोटे शहर, में जीवंत करके रखा हुआ है। तलवार से प्रहार करने के लिए यह अपने छात्रों को प्रशिक्षित कर रहे हैं ,और बचने का उपाय भी ,ताकि किसी विपरीत परिस्थिति में इसका उपयोग किया जाए। कराटे को हम एक खेल के रूप में देख सकते हैं लेकिन साथ ही साथ इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में काफी अहम योगदान रहता है, कोरोना जैसे- वैश्विक महामारी के दौरान इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने के लिए कराटे का भी एक अहम योगदान हो सकता है, ऐसा कहना है ,शमशाद अंसारी का। यूं तो शमशाद अंसारी फारबिसगंज शहर के छोटे से गांव पलासी के रहने वाले हैं। क्वालिफिकेशन कि यदि हम बात करें तो उन्होंने ग्रेजुएशन करने के बाद एलएलबी की डिग्री हासिल की है लेकिन आम लोग उन्हें कराटे टीचर के रूप में ही जानते हैं कई बार मीडिया के सुर्खियों में भी आ चुके हैं। फारबिसगंज के मॉडल थाना परिसर के कुछ ही दूर गज  दूरी पर  नित्य प्रतिदिन छात्र-छात्राओं को कराटे का प्रशिक्षण देने का काम करते हैं, साथ ही और शहर के कई स्कूलों में जाकर छोटे-छोटे बच्चों को प्रशिक्षित करने का काम करते आ रहे हैं। बालिकाओं  को आत्मनिर्भर बनाने के लिए, कराटा का प्रशिक्षण देना वाकई में काबिले तारीफ है।  विषम परिस्थिति में लड़कियों के लिए कराटे का उपयोग काफी अहम हो जाता है, कराटे का प्रशिक्षण लेने वाले छात्राएं कभी भी कमजोर नहीं होती है ,वह हर परस्थिति का सामना बखूबी से कर सकती है ऐसा कहना है प्रशिक्षक शमशाद अंसारी का।

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