लॉक डाउन को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं बिहार के लोग।

मुख्य संपादक गौतम कुमार की कलम से, जी हां, बिहार के लोग, लॉक डॉन को गंभीरता से बिल्कुल नहीं ले रहे हैं ,इसका अंजाम बहुत ही बुरा होने वाला है। लॉक डॉन को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं बिहार के  आदमी।
एक तरफ दुनिया में कोरोना को लेकर आपातकालीन की स्थिति बनी हुई है , इससे निपटने के लिए ना तो कोई मेडिसिन बना है ,और न ही कोई वैक्सीन । इसका एकमात्र उपाय है ,अभी फिलहाल लॉक डाउन होना। लेकिन बिहार के लोग lockdown को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं ,lock डॉन पर लापरवाही जान पर भारी पड़ेगा, युवा कोरोना को लेकर लापरवाही ना बरतें, और ना ही कोरोना को छुपाएं। आज 90 लाख आबादी वाला शहर, न्यूयॉर्क भी ,वुहान बनने की ओर अग्रसर है, जबकि अमेरिका महाशक्ति है। आज पूरी दुनिया कोराना वायरस लेकर लाचार और बेबस है। बिहार में lock डॉन को लेकर यहां के आम – आदमी गंभीरता नहीं ले रहे हैं ,इसका परिणाम बहुत ही घातक होगा। जिंदगी के लिए लॉक डॉन जरूरी है, यही एकमात्र उपाय है। देश में 19 राज्यों में लॉक डाउन है। देश में अब तक करोना के 433 मरीज का मामला सामने आया है।सरकार के सभी दिशा – निर्देशों का पालन करें ,किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए, लॉक डाउन,करोना संक्रमण से बचने का एकमात्र विकल्प है, खुद बचे और दूसरे को भी बचाएं । एक जिम्मेदार नागरिक होने का फर्ज निभाना ही राष्ट्र धर्म है, राष्ट्रीय सेवा और राष्ट्रीय कर्तव्य हैं। वही जाप के  सुप्रीमो पप्पू यादव ने अपने सदस्यों को दिशा निर्देश देकर बता दिया है । कोरोना जैसे- घातक बीमारी से बचने के लिए जागरूकता अभियान के तहत फोन पर ही लॉक डाउन का मतलब बताएंगे, और देश हित में सरकार के दिशा- निर्देशोंअनुसार लोगों को जागरूक भी करेंगे। लॉक डॉन मजबूरी नहीं जरूरी है, करोना से आगे बड़ी लड़ाई है, हम सभी लोग मिलकर इस लड़ाई को जीतेंगे । करोना हारेगा ,भारत जीतेगा, लेकिन इसके लिए आम लोगों का साथ बहुत ही जरूरी है। आप सभी आम लोगों से अपील है कि सभी एकमत होकर lock डॉन का सपोर्ट करें, खुद को भी  करोना से बचाएं और लोगों को फोन से जागरूक भी करें।  पटना में गरीब लोगों के बीच मास्क और सैनिटाइजर बांटकर फिर से गरीबों के बीच मसीहा के रूप में उभर कर सामने आए हैं।

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