क्वॉरेंटाइन केंद्र के रूप में अधिकृत किया गया, विद्यालय 24 घंटे खुले रहेंगे – नरपतगंज (प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी)।

जी हां नरपतगंज के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, अजय कुमार सरण ने, कार्यालय आदेश जारी कर यह स्पष्ट कर दिया है कि क्वॉरेंटाइन सेंटर के रूप में जो विद्यालय अधिकृत किए गए हैं, वह 24 घंटा खुले रहेंगे। अप्रवासी व्यक्तियों को भेजने के क्रम में यदि चिन्हित विद्यालय बंद पाया जाता है ,तो उस विद्यालय के प्रधान शिक्षक तथा पदस्थापित अन्य शिक्षकों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जाएगी। स्कूल के प्रधानाध्यापक को यह निर्देश दिया गया है कि कार्यरत शिक्षकों का एक अलग से पंजी,  रोस्टर बनाया जाए, जिसमें शिक्षकों का आगमन तथा प्रस्थान का समय दर्ज हो। इस सिलसिले में नरपतगंज प्रखंड अंतर्गत पलासी  विद्यालय के शिक्षक ,विनोद कुमार मिश्र को सस्पेंशन लेटर सौंपा गया है। प्लासी  विद्यालय को क्वॉरेंटाइन सेंटर  में अधिकृत किया गया है।  प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अजय कुमार सारण ने हिंदुस्तान न्यूज़ लाइव को बताया कि विरेन्द्र मिश्र को शाम के 4:00 बजे ही सूचना देकर स्कूल में उपस्थित होने के लिए कहा गया था, लेकिन जब वरीय पदाधिकारी के द्वारा  अप्रवासी मजदूरों के साथ स्कूल पहुंचा गया ,तो वहां पर वीरेंद्र मिश्र उपस्थित नहीं थे। जिसके कारण अररिया के जिलाधिकारी के अनुशंसा पर ,अररिया जिला शिक्षा पदाधिकारी विरेन्द्र मिश्र के नाम पर एक सस्पेंशन लेटर जारी किया । प्लासी स्कूल के टीचर तथा शिक्षक संघ के नेता अजय कुमार चौधरी ने बताया कि विरेंद्र मिश्र रात के 2:00 बजे तक स्कूल में ही थे, अचानक उनके पिताजी का तबीयत खराब हो जाने के कारण उन्हें स्कूल से घर जाना पड़ा। इसी दरमियान में वरीय पदाधिकारी के द्वारा रात के करीब 3:00 बजे अप्रवासी मजदूरों को लेकर पहुंचे।  जिस समय उक्त शिक्षक उपस्थित नहीं थे, इसलिए उनका सस्पेंशन लेटर जारी करना कहीं से न्यायोचित नहीं है, इन्हें वापस लेना चाहिए।

हिंदुस्तान न्यूज़ लाइव से टेलिफोनिक बातचीत में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अजय कुमार शरण ने बताया कि जो टीचर सचमुच में लाॅग डॉन में दूसरे जिला में फंस गए हैं या दूसरे राज्य में फंस गए हैं, उनके लिए सचमुच में परेशानी तो है ही ।  ऐसे शिक्षकों के लिए राज्य सरकार के द्वारा व्हाट्सएप पर ही योगदान देने के लिए कहा गया था, और साथ ही उस स्कूल के प्रधानाध्यापक को मालूम होना चाहिए की उनके कितने शिक्षक लाॅक डाउन में फंसे हैं , उनके लिए कोई बात नहीं है, क्योंकि उनके लिए तो सचमुच में परेशानी है।  लेकिन जो शिक्षक फारबिसगंज में है ,उन्हें नरपतगंज जाकर ज्वाइन करने में परेशानी नहीं होना चाहिए, उन्हें अपना सेवा देनी चाहिए, अन्यथा उन पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

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